गढ़वाल वि. वि. द्वारा परीक्षाओं का आयोजन

जैसा कि हमें विदित है कि वैश्विक स्तर पर चल रही महामारी के चलते सारे कामकाज अस्त-व्यस्त पड़े हैं. और अधिकतर लोग अपने घरों में बंद है। इस बीच सरकार द्वारा पोषित संस्थाओं द्वारा धीरे-धीरे कुछ कामों का संचालन किया जा रहा है। ताकि देश में अस्त-व्यस्त पड़े कामकाज को पटरी पर उतारा जा सके इसमें एक मुद्दा छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा से संबंधित भी है। इसी प्रयास में गढ़वाल विवि ने अपने स्नातक और स्नातकोत्तर के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा का आयोजन 10 सितंबर से प्रस्तावित किया है।
यह कार्य इस समय की स्थिति के मुताबिक आसान नहीं है क्योंकि देश में दिन-प्रतिदिन कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। परंतु इस महामारी का कोई निश्चित बिंदु भी नजर नहीं आ रहा है। इसलिए हमें अपने काम काज को इसके साथ ही संचालित करना है। परीक्षा का आयोजन एक वृहद स्तर पर किया जा रहा है।
( हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक )
* परीक्षा 10 सितंबर से प्रस्तावित की गई है।
* परीक्षा स्नातक और स्नातकोत्तर के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा होगी।
* इसमें करीब 41 हजार छात्र सम्मिलित होंगे जिसमें से 5 हजार छात्र अन्य राज्यों से होंगे जिसमें जम्मू-कश्मीर,पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात आदि राज्य के छात्रों हैं।
* विवि ने इसके लिए 135 परीक्षा केंद्रों का आयोजन किया है।

गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा कि अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं को देखते हुए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पत्र भी जारी किए जाने हैं। साथ ही आईसीएमआर प्रमाणित प्रयोगशाला से covid 19 की जांच करानी जरूरी है और रिपोर्ट 72 घंटे पहले की हो। जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही छात्र को परीक्षा में सम्मिलित होने दिया जाएगा।

इसको देखते हुए बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को राज्य में प्रवेश हेतु ईपास की व्यवस्था करने का राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है!) इस परीक्षा के आयोजन में सरकार द्वारा भले ही उचित व्यवस्था का आयोजन किया जा रहा हो परंतु इन सब आयोजनों के बाद भी छात्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि काफी समय से लॉकडाउन के चलते लोग अपने किराए के कमरों को छोड़कर घर चले गए हैं. और उनके वापस आने पर उन्हें रहने,खाने की समस्या का होना लाजमी है। और परीक्षार्थी एक बड़ी संख्या में है तो यातायात,कोविड टेस्ट, यातायात के साधनों का अभाव भी इस राह को अधिक मुश्किल बना सकता है। परंतु इन सब के बावजूद भी हमें खुद का ख्याल रखना होगा और उन सारे नियमों के आधार पर चलना होगा जो हमें इन समस्याओं और महामारी से लड़ने में मदद करें और सुरक्षित रखें और हम एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तष्क के साथ अपने परीक्षा का अच्छे से समापन कर सके। मैं आप सब से आग्रह करूंगा कि आप अपना ख्याल रखें आपके हित में ही देश हित है।

धन्यवाद

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