विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

जैसा कि हमें विदित है पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है “परि+आवरण” जिसमें ‘परि’ का अर्थ हमारे आस-पास से है, और ‘आवरण’ जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। सभी प्रकार के प्राकृतिक तत्व जो जीवन को संभव बनाते हैं जैसे- पानी, हवा, भूमि, प्रकाश, आग, जल, जानवर, पेड़-पौधे इत्यादि सभी पर्यावरण …

कृषि बिल कानून 2020

एक बार फिर “कृषि” केंद्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और उस पर लंबे समय से चला आ रहा “किसानों का विरोध” अभी भी कार्यरत है जैसा कि आप सभी जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में कृषि को लेकर 3 विधेयक को पारित किये गये हैं। जिसका कि किसानों द्वारा जबरदस्त विरोध …

2 अक्टूबर गांधी जयंती

कुछ सिद्धांतों के क्रियान्वयन आलोचित होते हैं। कुछ ऐतिहासिक अध्ययन का कारण बनते हैं परंतु कुछ सिद्धांत ऐसे होते हैं जो इतिहास में मील का पत्थर बन जाते हैं। और गांधीजी के सिद्धांत इसी तृतीय वर्ग मैं शामिल किए जाते हैं। राजा हो चाहे रंक सिद्धांत हर कोई प्रतिपादित करता है तथा सिद्धांतों के मतांतर …

बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर

वैसे तो उत्तराखंड में कई धार्मिक पर्व हैं और इन पर्वों पर जगह- जगह मेलों का आयोजन होता है। देवभूमि के नाम से जाना जाने वाला यह ,देश का एक छोटा राज्य उत्तराखंड देवों का निवास स्थान ही नहीं अपितु महापुरुषों की तपस्थली भी रहा है। इसी में एक धार्मिक पर्व है ,बैकुंठ चतुर्दशी इस …

2 अक्टूबर “लाल बहादुर शास्त्री जयंती”

“जय-जवान, जय-किसान” का नारा देने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री रह चुके लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 में वाराणसी के निकट मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता शिक्षक थे और वह तीन भाई बहन थे उनके पिता का देहांत तब हो गया था जब वह डेढ़ वर्ष के थे उसके बाद …

क्या हैं शिक्षा के पैमाने

शिक्षा मानव जीवन की सुचिता और प्रबुधता से सम्बद्ध ऐसा समप्रत्यय हैं जो मानव समाज के सभी पक्षों को प्रभावित करती हैं। शिक्षा की अनेकों परिभाषाएं गढ़ी पड़ी हैं जो अपने दौर में सम्यक मनी गई । वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की कोख से ऐसे मानव मस्तिष्क का जन्म हुआ है जो निहायत भोगवादी …

शिक्षक दिवस /5 सितंबर

शिक्षक दिवस एक ऐसा दिन, जिस दिन हम समाज के ऐसे शिल्पकार को या निर्माता को समर्पित करते हैं जो बिना किसी मोह के इस समाज को तराशते हैं, निखारतॆ हैं और इस योग्य बनाते हैं, ताकि वह आने वाले समय में अपने आप को एक उचित स्थान दे सके और समय के साथ-साथ आने …

लॉकडाउन में पहाड़ और शिक्षा

देश में कोरोना महामारी के चलते 23 मार्च से राष्ट्रीय लॉकडाउन शुरू किया गया था। इस लॉकडाउन के चलते सभी “काम- काजों” को भी बंद करना पड़ा और सारे अपने-अपने घरों में कैद हो गए कुछ लोग थे जिनका काम काज घर से ऑनलाइन के माध्यम से चल रहा था। परंतु अधिकतर लोगों का सारा …

National Recruitment Agency (NRA) & Common Eligibility Test (CET)

जैसा कि हम सबको विदित हैं कि वर्तमान समय में रोजगार के चयन प्रक्रिया के लिए विभिन्न- विभिन्न विभागों के लिए विभिन्न- विभिन्न एजेंसियों द्वारा समय-समय पर विभागों की आवश्यकता के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाता था। कुछ के द्वारा यह प्रक्रिया ऑनलाइन और कुछ के द्वारा यह प्रक्रिया ऑफलाइन की जाती थी। अलग-अलग …

गढ़वाल वि. वि. द्वारा परीक्षाओं का आयोजन

जैसा कि हमें विदित है कि वैश्विक स्तर पर चल रही महामारी के चलते सारे कामकाज अस्त-व्यस्त पड़े हैं. और अधिकतर लोग अपने घरों में बंद है। इस बीच सरकार द्वारा पोषित संस्थाओं द्वारा धीरे-धीरे कुछ कामों का संचालन किया जा रहा है। ताकि देश में अस्त-व्यस्त पड़े कामकाज को पटरी पर उतारा जा सके …