विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

जैसा कि हमें विदित है पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है “परि+आवरण” जिसमें ‘परि’ का अर्थ हमारे आस-पास से है, और ‘आवरण’ जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। सभी प्रकार के प्राकृतिक तत्व जो जीवन को संभव बनाते हैं जैसे- पानी, हवा, भूमि, प्रकाश, आग, जल, जानवर, पेड़-पौधे इत्यादि सभी पर्यावरण …

National Curriculum Framework / राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा – NCF 2005

NCF 2005 केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसमें बालकों को क्या और क्यों और कैसे पढ़ाया जाए। NCF-2005 इन्हीं विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF-2005) का उद्धरण रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति” से हुआ है। जिसमें उन्होंने बताया है कि सर्जनात्मक उद्धार आनंद बचपन …

कृषि बिल कानून 2020

एक बार फिर “कृषि” केंद्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और उस पर लंबे समय से चला आ रहा “किसानों का विरोध” अभी भी कार्यरत है जैसा कि आप सभी जानते हैं केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में कृषि को लेकर 3 विधेयक को पारित किये गये हैं। जिसका कि किसानों द्वारा जबरदस्त विरोध …

रूपकुंड, कंकालों की झील, या रहस्यमयी झील

“रूपकुंड”,  “कंकालों की झील”,  या “रहस्यमयी झील”  अथवा “हिमालयी महाकुंभ नंदा देवी राजजात-यात्रा का अंतिम पड़ाव”। जिस भी नाम से कहना चाहें परंतु इस झील का रहस्य समय के साथ-साथ अपने आप में एक नया चेहरा दिखाता रहता है इसी में आज हम बात करेंगे “रहस्यमयी झील रूपकुंड” की। वैसे तो उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र …

उत्तर भारत का एकमात्र राहु मंदिर

हिमालय की गोद ,पर्वतीय अंचल में स्थित देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक मान्यताएं बाकी दुनिया से जरा अलग हैं। यहां पर उन्हें भी आदर सम्मान मिलता है जिन्हें स्वयं देवता भी ठुकरा देते हैं तभी तो यहां देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने जिस दानव की गर्दन सुदर्शन से काट दी थी उसका मंदिर बनाकर …

ताराकुंड पौड़ी गढ़वाल

वैसे तो उत्तराखंड प्रकृति की गोद में बसा छोटा खूबसूरत सा राज्य है। यहां की वादियां हमेशा से लोगों को अपनी और आकर्षित करती रही हैं यह प्रकृति की सुंदरता का एक अद्भुत नजारा दिखाता रहा है। ऊंची-ऊंची पहाड़ियां छोटे-छोटे घास के मैदान, झील, बर्फ से ढकी चोटियां मानो स्वर्ग पृथ्वी पर ही हो इसी …

2 अक्टूबर गांधी जयंती

कुछ सिद्धांतों के क्रियान्वयन आलोचित होते हैं। कुछ ऐतिहासिक अध्ययन का कारण बनते हैं परंतु कुछ सिद्धांत ऐसे होते हैं जो इतिहास में मील का पत्थर बन जाते हैं। और गांधीजी के सिद्धांत इसी तृतीय वर्ग मैं शामिल किए जाते हैं। राजा हो चाहे रंक सिद्धांत हर कोई प्रतिपादित करता है तथा सिद्धांतों के मतांतर …

बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर

वैसे तो उत्तराखंड में कई धार्मिक पर्व हैं और इन पर्वों पर जगह- जगह मेलों का आयोजन होता है। देवभूमि के नाम से जाना जाने वाला यह ,देश का एक छोटा राज्य उत्तराखंड देवों का निवास स्थान ही नहीं अपितु महापुरुषों की तपस्थली भी रहा है। इसी में एक धार्मिक पर्व है ,बैकुंठ चतुर्दशी इस …

2 अक्टूबर “लाल बहादुर शास्त्री जयंती”

“जय-जवान, जय-किसान” का नारा देने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री रह चुके लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 में वाराणसी के निकट मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता शिक्षक थे और वह तीन भाई बहन थे उनके पिता का देहांत तब हो गया था जब वह डेढ़ वर्ष के थे उसके बाद …

उत्तराखंड में छोटा अमरनाथ- “टिम्मरसैंण महादेव”

उत्तराखंड को वैसे तो देव भूमि के नाम से जाना जाता है। यहाँ शायद ही ऐसा कोई स्थान रहा हो जहाँ भगवानों का निवास ना रहा हो या उनके होने के साक्ष्य ना मिले हों, शायद इसीलिए उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। इसी में हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के …