रूपकुंड, कंकालों की झील, या रहस्यमयी झील

“रूपकुंड”,  “कंकालों की झील”,  या “रहस्यमयी झील”  अथवा “हिमालयी महाकुंभ नंदा देवी राजजात-यात्रा का अंतिम पड़ाव”। जिस भी नाम से कहना चाहें परंतु इस झील का रहस्य समय के साथ-साथ अपने आप में एक नया चेहरा दिखाता रहता है इसी में आज हम बात करेंगे “रहस्यमयी झील रूपकुंड” की। वैसे तो उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र …

उत्तर भारत का एकमात्र राहु मंदिर

हिमालय की गोद ,पर्वतीय अंचल में स्थित देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक मान्यताएं बाकी दुनिया से जरा अलग हैं। यहां पर उन्हें भी आदर सम्मान मिलता है जिन्हें स्वयं देवता भी ठुकरा देते हैं तभी तो यहां देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने जिस दानव की गर्दन सुदर्शन से काट दी थी उसका मंदिर बनाकर …